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बिहि, १८ भदौ २०८३
अदालतहे सूचना प्रविधि ओ जनमैत्री बनैती लागल बाटी ।’
बिहि, ०३ पुस २०२६ | थारु टीभी संवाददाता 9 0

कैलाली जिल्ला अदालतमे न्याय सम्पादनहे सहज, सरल ओ नागरिकमैत्री बनाइलाग सेवा प्रणालीहे प्रविधिमैत्री ओ जनकेन्द्रित बनैती लैगील जनाइल बाटै ।
बुधबार आयोजित पत्रकार सम्मेलनमे सेवाग्राहीके भावनाअनुसार न्याय सम्पादनहे सहज बनैती लैगिल ओ चालु आर्थिक वर्ष २०८३÷८४ मे ‘जनमैत्री अदालत’हे प्राथमिकतामे धर्के काम कर्ना कार्ययोजना बनाइल जानकारी देहेल बाट । 
अदालतके स्रेस्तेदार चेतराज पन्त सेवाग्राहीहे सरल ओ सहज सूचना उपलब्ध कर्ना, सहायता कक्षहे प्रभावकारी बनैना ओ ज्येष्ठ नागरिक, महिला, बालबालिका ओ असहाय सेवाग्राहीहे प्राथमिकता देना योजना बनाइल जानकारी देल ।
सेवाग्राहीहूक्रे मुद्दाके अवस्थाबारे सहज रूपमे जानकारी पाइसेक्ना व्यवस्था मिलाके  अदालतके प्रक्रियाबारे जनचेतना अभिवृद्धि कर्ना योजना रहल पन्त बतैल । ओकर लाग डिजिटल अभिलेख व्यवस्थापन, अनलाइन सूचना प्रणाली ओ मुद्दाके अवस्थाबारे सेवाग्राहीहे सहज जानकारी देना प्रणालीहे थप प्रभावकारी बनैना जनैले बाटै । 
अदालतहूक्रे विवाद समाधानमे मेलमिलाप नीतिहे प्राथमिकतामे धर्के सानातिना ओ मेलमिलापसे समाधान हुइसेक्ना विवादहे प्रभावकारी रूपमे मेलमिलापमे लैजैना ओ सफल मेलमिलापहे कार्यान्वयनमे जोड देना कार्ययोजनामे उल्लेख बा । अस्तके, न्यायिक कामकारबाहीमे पारदर्शिता ओ जवाफदेहिताहे प्राथमिकता देती सञ्चारमाध्यममार्फत अदालतके कामकारबाही, उपलब्धि, समस्या ओ आगामी प्राथमिकताबारे नागरिकहे जानकारी देना नीति लेहेल बा  ।
आगलागीके बाबजुद न्यायसेवा निरन्तर
आर्थिक वर्ष २०८२÷८३ चुनौतीपूर्ण वर्षके रूपमे रले से फेन अदालतहूक्रे न्यायिक सेवा प्रवाहहे निरन्तरता देहेल जनाइल बाटै । गत भदौ २३–२४ मे हूइल आगलागीके कारण भौतिक संरचना, अभिलेख, कार्यालय सञ्चालन ओ सेवाग्राहीहे नियमित सेवा पैना अवस्थासमेत प्रभावित हूइल रहे ।
आगलागीके कारण करिब तीन महिनासम्म नियमित सेवा प्रभावित होके मुद्दाके सुनुवाइ ओ फछ्र्योटमे प्रत्यक्ष असर परल अदालतके प्रतिवेदनमे उल्लेख बा । कठिन परिस्थितिके बीच फेन अदालतहूक्रे मुद्दा व्यवस्थापन, फछ्र्योट, पुरान मुद्दाहे प्राथमिकता, सेवाग्राहीहे सूचना ओ सहायता उपलब्ध कर्ना लगायत कामहे निरन्तरता देहेल स्रेस्तेदार पन्त जानकारी देलै ।
अदालतमे २०८२÷८३ मे अघिल्लो आवसे जिम्मेवारी सरल एक हजार ३०५ ओ नयाँ दर्ता हूइल तीन हजार ३३४ कैके चार हजार ६३९ मुद्दा रहल रहे । यकरमध्य तीन हजार १०५ मुद्दा फछ्र्योट हूइल बा । अदालतके मुद्दा फछ्र्योट दर ६६.९३ प्रतिशत रहल बा ।
गैल तीन आवके तथ्याङ्कके तुलनात्मक अध्ययन कर्के मुद्दा फछ्र्योटमे निरन्तर सुधार हूइती रहल देख्गील बा । आव २०८०÷८१ मे चार हजार १९४ मुद्दामध्ये दुई हजार ९११ अर्थात् ६९.४३ प्रतिशत ओ २०८१÷८२ मे चार हजार ४५१ मध्ये तीन हजार १४६ अर्थात् ७०.६८ प्रतिशत मुद्दा फछ्र्योट हुइल रहे ।

गत आवमे देशभर भारी मुद्दा हेर्नामे यहे अदालतके मुख्य न्यायाधीश भुवनसिंह थापा १०औँ नम्बरमे परल रहे । स्रेस्तेदार पन्तके अनुसार न्यायाधीश थापा भदौ १८ से कार्यारम्भ करल वर्षभरि ८१० मुद्दा फछ्र्योट करल रहित । उहाहे ७९७ मुद्दा फछ्र्योट करे पर्ना लक्ष्य तोकल रहे । 

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